
दरभंगा, 12 जनवरी 2026।
राज दरभंगा की अंतिम महारानी एवं महाराजाधिराज स्वर्गीय महाराजा कामेश्वर सिंह जी की धर्मपत्नी महारानी कामसुंदरी जी के निधन का समाचार पूरे मिथिला अंचल के लिए अत्यंत दुःखद और मर्माहत करने वाला है। उनके निधन से न केवल राज दरभंगा परिवार, बल्कि संपूर्ण मिथिला ने एक गरिमामयी, सुसंस्कृत और लोककल्याणकारी व्यक्तित्व को खो दिया है। यह क्षति सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अपूरणीय मानी जा रही है।
इस दुःखद अवसर पर जिलाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार ने महारानी कामसुंदरी जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। उन्होंने दिवंगत आत्मा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल राज दरभंगा परिवार एवं समस्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की असीम शक्ति दें।
महारानी कामसुंदरी जी का संपूर्ण जीवन सादगी, संस्कार, सेवा और लोकमंगल से ओतप्रोत रहा। उन्होंने मिथिला की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को अपने आचरण से जीवंत बनाए रखा। उनका व्यक्तित्व नारी गरिमा, सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम उदाहरण माना जाता है।
उनका निधन केवल एक सम्मानित व्यक्तित्व का अवसान नहीं, बल्कि मिथिला की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत और एक ऐतिहासिक युग के अंत का द्योतक है। समाज के प्रति उनका योगदान और उनकी स्मृतियाँ सदैव जनमानस के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। जिला प्रशासन, दरभंगा ने इस दुःखद घड़ी में राज दरभंगा परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।





















